8th Pay Commission Update 2026: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए फरवरी 2026 खुशियों की सौगात लेकर आया है। 25 फरवरी को 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च होने के साथ ही ड्राफ्टिंग कमेटी की महत्वपूर्ण बैठकें शुरू हो गई हैं। लाखों कर्मचारी अब नए सैलरी स्ट्रक्चर और फिटमेंट फैक्टर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
क्या है 8वां वेतन आयोग और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
हर 10 साल में केंद्र सरकार कर्मचारियों के वेतन और भत्तों की समीक्षा के लिए वेतन आयोग का गठन करती है। 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था। अब 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) नवंबर 2025 में गठित हो चुका है।
मुख्य जिम्मेदारियां:
- बेसिक सैलरी में उचित वृद्धि करना।
- महंगाई भत्ता (DA), HRA और TA जैसे भत्तों का पुनर्निर्धारण।
- पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) की मांग पर विचार करना।
- न्यूनतम और अधिकतम वेतन के अंतर को संतुलित करना।
आज की सबसे बड़ी खबर: 25 फरवरी 2026 अपडेट
दिल्ली में NC-JCM (स्टाफ साइड) की ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक में कर्मचारी संगठनों ने एक साझा मेमोरेंडम तैयार किया है। इसे 8वें वेतन आयोग की चेयरपर्सन जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को सौंपा जाएगा।
कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगें:
- फिटमेंट फैक्टर: 3.00 से 3.25 गुना की वृद्धि।
- न्यूनतम बेसिक सैलरी: ₹18,000 से बढ़ाकर ₹54,000 करना।
- वार्षिक इंक्रीमेंट: 3% की जगह 5% से 7% तक करना।
- पुरानी पेंशन (OPS): NPS की जगह पुरानी पेंशन को फिर से लागू करना।
अनुमानित नई सैलरी स्ट्रक्चर (3.0 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर)
| पे लेवल | वर्तमान बेसिक पे (लगभग) | अनुमानित नई बेसिक (₹) | कुल सैलरी में बढ़ोतरी |
| लेवल 1 | ₹18,000 | ₹54,000 | 35-40% |
| लेवल 5 | ₹29,200 | ₹87,600 | 32-38% |
| लेवल 10 | ₹56,100 | ₹1,68,300 | 30-35% |
| लेवल 18 | ₹2,50,000 | ₹7,50,000+ | 25-32% |
कब लागू होगा और कब मिलेगी सैलरी?
- प्रभावी तिथि: अधिकांश रिपोर्ट्स के अनुसार इसे 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा सकता है।
- एरियर (Arrear): यदि कार्यान्वयन में देरी होती है, तो जनवरी 2026 से बकाया राशि (Arrear) दी जाएगी।
- मार्च 2026 की सैलरी: यदि कैबिनेट की मंजूरी समय पर मिली, तो मार्च के अंत में नई सैलरी देखने को मिल सकती है।
पेंशनभोगियों के लिए राहत
नए वेतन आयोग का लाभ केवल वर्तमान कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि 68 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को भी मिलेगा। उनके फिटमेंट फैक्टर में भी समान वृद्धि होगी, जिससे पेंशन और मेडिकल अलाउंस में बड़ी बढ़ोतरी संभव है।