Forecast Update 2026: जबरदस्त बारिश! बदल गया मौसम इन राज्यों में IMD ने जारी किया ओलावृष्टि का अलर्ट

Forecast Update 2026: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक नया बुलेटिन जारी करते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कड़ाके की ठंड के बीच अब चक्रवाती गतिविधियों और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में धूप निकलने से कोहरे और शीतलहर से मामूली राहत मिली थी, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत अधिक समय तक नहीं टिकेगी।

उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में बदलेगा मिजाज

पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण उत्तर प्रदेश, दिल्ली और एनसीआर के क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। अगले 48 घंटों में कोहरे में कमी आ सकती है, लेकिन इसके तुरंत बाद आसमान में बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह ठंड अभी पूरी तरह खत्म नहीं होने वाली है। फरवरी और मार्च के महीने में भी रुक-रुक कर सर्दी का असर बना रह सकता है। फिलहाल बारिश के इस दौर के कारण वातावरण में नमी बढ़ेगी और ठिठुरन वाली ठंड वापस लौट सकती है।

कृषि और किसानों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

मौसम के साथ-साथ कृषि क्षेत्र से जुड़ी कुछ अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गई हैं, जो किसानों के लिए बेहद उपयोगी हैं:

  • खाद की नई रेट लिस्ट (Fertilizer Prices 2026): वर्ष 2026 के लिए यूरिया, DAP, पोटाश और NPK की नई रेट लिस्ट जारी कर दी गई है। किसान भाई अब आधिकारिक नई कीमतों के आधार पर अपनी खाद की खरीदारी कर सकते हैं।
  • ओलावृष्टि की चेतावनी: पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कम से कम 5 राज्यों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की संभावना जताई गई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी तैयार फसलों को सुरक्षित करने के लिए उचित प्रबंध करें।
  • मक्का की उन्नत खेती: गर्मी के सीजन में मक्का की खेती के लिए टॉप 5 हाइब्रिड किस्मों की जानकारी दी गई है। सही प्रबंधन के साथ किसान प्रति एकड़ 60 क्विंटल तक का दमदार उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

निष्कर्ष और सावधानी

यह मौसम अपडेट और कृषि जानकारी वर्तमान सैटेलाइट डेटा और आधिकारिक रिपोर्टों पर आधारित है। स्थानीय मौसम में तात्कालिक बदलाव संभव है, इसलिए क्षेत्रीय प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का नियमित रूप से पालन करें।

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