Forecast Alert 2026: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक अत्यंत गंभीर चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात ‘मोंथा’ (Montha) और उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के दोहरे असर के कारण देश के 21 राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है।
अगले 24 से 72 घंटों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, इन दो प्रणालियों के मेल से अगले 3 दिनों तक देश के कई हिस्सों में व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा:
- भारी बारिश और ओलावृष्टि: कई राज्यों में तेज गर्जना के साथ बारिश और ओले गिरने की संभावना है।
- तापमान में गिरावट: बर्फीली हवाओं के कारण पारे में अचानक भारी गिरावट आएगी, जिससे ठंड का अहसास फिर से बढ़ सकता है।
- तेज हवाएं: तटीय और मैदानी इलाकों में तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
किसानों के लिए विशेष चेतावनी (खेती पर संकट)
यह बेमौसम बदलाव किसानों की मेहनत पर पानी फेर सकता है, क्योंकि वर्तमान में गेहूं और सरसों जैसी रबी फसलें कटाई के करीब हैं।
कृषि विशेषज्ञों के मुख्य सुझाव:
- कटाई रोकें: यदि फसल तैयार है, तो उसे सुरक्षित स्थान पर रखें या कटाई को कुछ दिन के लिए टाल दें।
- जल निकासी: खेतों में पानी जमा न होने दें, इसके लिए जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें।
- कीटनाशक छिड़काव: बारिश और ओलावृष्टि के दौरान किसी भी प्रकार का रासायनिक छिड़काव न करें।
सुरक्षा के लिए जरूरी कदम
तूफान ‘मोंथा’ के प्रभाव को देखते हुए आम जनता को इन बातों का ध्यान रखने की सलाह दी गई है:
- यात्रा टालें: खराब मौसम के दौरान अनावश्यक लंबी यात्रा करने से बचें।
- पेड़ों और खंभों से दूर रहें: तेज हवा और बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
- अपडेट रहें: रेडियो, टीवी या इंटरनेट के माध्यम से मौसम विभाग की ताजा सूचनाएं लेते रहें।
निष्कर्ष: मौसम में यह अचानक आया बदलाव प्राकृतिक आपदा का संकेत है। सावधानी और पूर्व-तैयारी के जरिए ही हम इसके जोखिमों को कम कर सकते हैं।